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जयपुर के महाराजाओं - पर एक नजर


शाही परिवार - जयपुर के राजाओं का

जयपुर शहर के राजपूत कछ्वास  काबिले के बहादुर शासक थे यहाँ पर इनके गौरव शैली  को अतीत देखा गया है । यहां पर आज तक जयपुर के जितने भी महाराजा हुए है उनकी सबकी सूचि देखिये ।

1. महाराजा सवाई जय सिंह द्वितीय, जयपुर के पहले महाराजा

सन 1743 से 1700 में महाराजा जय सिह द्वितीय ने आमेर से कच्छावास शासको की राजधानी स्थानांतरित करने का फैसला किया और जयपुर शहर की स्थापना की । जयपुर शहर का नाम महाराजा सवाई जय सिह द्वितीय ने अपने नाम पर रखा था वो जयपुर के संस्थापक और जयपुर के पहले महाराजा थे । जयपुर के महाराजा के शासनकाल के दौरान ही मोहि-उद-दीन मुहम्मद ओरंगजेब ने महाराजा सवाई जय सिह को "सवाई" की उपाधि से सम्मानित किया गया था ।

उनको आधिकारिक शीर्षक के रूप में यह कह के सम्बोधित किया जाता था - 'सरमद--राजा-हिंदुस्तान, राज राजेस्वर श्री राजाधिराज महाराज सवाई जय सिह द्वितीय

2. महाराजा सवाई श्री ईश्वरी सिह बहादुर, जयपुर के दूसरे महाराजा

महाराजा सवाई श्री ईश्वरी सिंह बहादुर ने 1743 से 1750 तक थोड़े समय के लिए शासन किया था । जयपुर  महाराजा श्री ईश्वरी सिंह कई साहित्यिक और कलात्मक कार्य किये थे । उन्होंने गैटोर में अपने पिता की संगमरमर की कब्र का निर्माण करवाया था

उनको आधिकारिक शीर्षक के रूप में यह कह के सम्बोधित किया जाता था - सरमद--राजा-- हिंदुस्तान, राज राजेस्वर श्री महाराजाधिराज सवाई श्री ईस्वरी सिह बहादुर

3. महाराजा सवाई श्री माधो सिंह, जयपुर के तीसरे महाराजा

इन्होंने सन 1751 से 1768 तक जयपुर पर राज्य किया था ।

उनको आधिकारिक शीर्षक के रूप में यह कह के सम्बोधित किया जाता था - सरमद--राजा-हिंदुस्तान, राज राजेस्वर श्री महाराजाधिराज सवाई श्री माधो सिह

4. महाराजा सवाई श्री पृथ्वी सिंह, जयपुर के चौथे महाराजा

इन्होंने 1768 से 1778 तक शासन किया था । ब्रिटिश के शासक ने जयपुर के चौथे महाराजा श्री पृथ्वी सिंह जी को   "महामहिम" की उपाधि से नवाजा गया था ।

उनको आधिकारिक शीर्षक के रूप में यह कह के सम्बोधित किया जाता था - महामहिम सरमद--राजा-हिंदुस्तान, राज राजेस्वर श्री महाराजाधिराज सवाई श्री पृथ्वी सिंह'

5. महाराजा सवाई श्री प्रताप सिंह, जयपुर के पांचवें महाराजा

उनको आधिकारिक शीर्षक के रूप में यह कह के सम्बोधित किया जाता था - महाराजा सरमद--राजा-हिंदुस्तान, राज राजेश्वर सवाई श्री प्रताप सिंह

6. महाराजा सवाई श्री जगत सिंह, जयपुर के छठे महाराजा 

इन्होंने 1803 से 1818 तक शासन किया।

उनको आधिकारिक शीर्षक के रूप में यह कह के सम्बोधित किया जाता था - महामहिम सरमद--राजा-हिंदुस्तान, राज राजेश्वर श्री महाराजाधिराज सवाई श्री जगत सिंह

7. महाराजा सवाई श्री जय सिंह तृतीय, जयपुर के सातवें महाराजा

इन्होंने 1819 से 1835 तक जयपुर राज्य पर शासन किया ।

उनको आधिकारिक शीर्षक के रूप में यह कह के सम्बोधित किया जाता था - महामहिम सरमद--राजा-हिंदुस्तान, राज राजेश्वर श्री महाराजाधिराज सवाई जय सिंह

8. महाराजा सवाई श्री सर राम सिंह द्वितीय, जयपुर के आठवें महाराजा

इनका शासन काल सन 1835 से 1879 तक चला था । जयपुर के महाराजाओ ने दो अतिरिक्त ख़िताब हासिल किये थे । एक था 'नाइट' GCSI (Knight Grand Commander of the Order of the Star of India) और दूसरा था 'ग्रेट कमांडर' GCIE (Grand Commander of the Order of the Indian Empire). जयपुर के महाराजाओ को 'सर' उपाधि से नवाजा गया था ।  

उनको आधिकारिक शीर्षक के रूप में यह कह के सम्बोधित किया जाता था - महामहिम सरमद--राजा-हिंदुस्तान, राज राजेश्वर श्री महाराजा सवाई श्री सर राम सिंह  द्वितीय

9. महाराजा सवाई श्री सर माधो सिंह द्वितीय, जयपुर के नौवें महाराजा

इन्होंने सन 1880 से 1922 तक जयपुर पर शासन किया था ।

उनको आधिकारिक शीर्षक के रूप में यह कह के सम्बोधित किया जाता था - महामहिम सरमद--राजा-हिदुस्तान, राज राजेश्वर श्री महाराजाधिराज सवाई श्री सर माधो सिह द्वितीय

10. महाराजा सवाई श्री सर मान सिंह द्वितीय, जयपुर के दसवें महाराजा

इन्होंने जयपुर पर 1922 से 1970 तक शासन किया था ये एक अत्यंत कुशल पोलो खिलाडी थे । इनकी पोलो टीम ने 1933 में ब्रिटिश ओपन ख़िताब जीत था । सन 1947 में महाराजा सवाई श्री सर मान सिंह द्वितीय ने जयपुर रियासत के विलय के दस्तावेजो पर हस्ताक्षर किये । उनको जयपुर का राजप्रमुख सन 1948 से 1956 तक बनाया गया था ।  सन 1964 से 1970 तक वो भारत के स्पेन के राजदूत रहे थे । 

उनको आधिकारिक शीर्षक के रूप में यह कह के सम्बोधित किया जाता था - महामहिम सरमद--राजा-हिंदुस्तान, राज राजेस्वर श्री महाराजाधिराज सवाई श्री सर मान सिंह द्वितीय

11. महाराजा सवाई श्री भवानी सिंह, जयपुर के ग्यारहवें महाराजा

इन्होंने जयपुर पर 1970 से 2011 तक जयपुर पर शासन किया था । इन्होंने भारतीय सेना में सेवा की और इसके बाद इन्होंने पोलो खेलना सुरु कर दिया । उन्होंने अपना उत्तराधिकारी अपने बेटी के बेटे पद्मनाभ सिंह बनाया था क्योकि उनके कोई बेटा नही था ।

उनको आधिकारिक शीर्षक के रूप में यह कह के सम्बोधित किया जाता था - महामहिम सरमद--राजा-हिंदुस्तान, राज राजेस्वर श्री महाराजाधिराज सवाई श्री भवानी सिंह जी

12. महाराजा सवाई पद्मनाभ सिंह, जयपुर के महाराजा बारहवें

महाराजा सवाई पद्मनाभ सिंह को 27 अप्रैल, 2011 को ताज पहनाया गया था ।  महाराजा सवाई पद्मनाभ सिंह जी जयपुर के वर्तमान महाराजा है । अभी वो छोटे है इसलिये नाम के लिए अभी उनको महाराजा बनाया गया है बड़े होने के बाद वो अपनी राजगद्दी सम्भालेंगे ।

उनको आधिकारिक शीर्षक के रूप में यह कह के सम्बोधित किया जाता था - महामहिम सरमद-ए-राजा-हिंदुस्तान, राज राजेश्वर श्री महाराजाधिराज सवाई पद्मनाभ सिंह

 


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