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सिटी पैलेस - रॉयल निवास जयपुर


जयपुर शहर वैभव और जिंदादिली का एक प्रतीक है। यह अपनी समृद्ध विरासत और संस्कृति जैसे आमेर किला, जयग़ढ़ किला, गैटोर, नाहरगढ किला आदि है और एक अद्भुत और प्रसिद्ध स्मारक हवामहल के नाम से भी जाना जाता है। गुलाबी शहर में सबसे प्रमुख संरचनाओं में से एक सिटी पैलेस परिसर है। गुलाबी शहर राजस्थान का सबसे प्रसिद्ध पर्यटक स्थल है यह शहर पर्यटको के द्वारा बहुत प्रसिद्ध माना जाता है। सिटी पैलेस भी एक प्रमुख पर्यटक स्थल है। यह महल राजस्थानी व मुगल शैलियों का मिश्रण है तथा इसके सफेद भूरे संगमरमर के स्तंभों पर टिके इस नक्काशीदार मेहराब को सोने व रंगीन पत्थरों की फूलों वाली आकृतियों से अलंकृत किया गया है। संगमरमर के दो नक्काशीदार हाथी एक सजग प्रहरी की भांति प्रवेश द्वार पर खड़े रहते है। जिन्हें देखने पर ऐसा प्रतीत होता है कि यह हमें पैलेस के भीतर प्रवेश के लिए आमंत्रित करते हैं । यहां स्थित संग्रहालय में राजस्थानी पोशाकों के साथ-साथ राजाओं के हथियारों का भी अवलोकन किया जा सकता है। यहां कई रंगों एव आकारों वाली तराशी हुई मूंठ वाली तलवारे भी है जिनमें से कईयों पर मीनाकारी के जडाउ काम किये हुए है । महल में स्थित कलादीर्घा में लघुचित्रों, कालीनों, शाही साजो सामान और अरबी फारसी लेटिन व संस्कृत में दुर्लभ खगोल विज्ञान की रचनाओं का उत्कृष्ट संग्रह प्रदर्शित किया गया हैं ।

सिटी पैलेस जयपुर का इतिहास

महाराजा सवाई जय सिह द्वितीय जो जयपुर के महाराजा और कच्छावा राजपूत कबीले के प्रमुख थे ने सन 1729 से 1732 के बीच सिटी पैलेस का निर्माण करवाया था। पैलेस परिसर केंद्रीय शहर के उत्तर-पूर्व में स्थित है यहां पर बहुत ही आसानी से पहुचा जा सकता है। यहां पर बहुत ही प्रभावशाली उद्यान, मैदान और इमारतें है ।

निर्माण कला

जयपुर के महान सिटी पैलेस के निर्माण का श्रेय "विद्याधर भट्टाचार्य" जो शाही अदालत के मुख्य वास्तुकार और जयपुर के नगर योजनाकार को कहा जाता है इन्होंने ये काम सर सैमुअल स्विंटन जैकब के साथ मिल कर किया था। महाराजा सवाई जय सिह द्वितीय ने भी योजना बनाने में अपना पूरा योगदान दिया था और वो बहुत उत्साहित भी थे। इस भवन के निर्माण कला में राजपूत, मुगल और स्थापत्य कला के यूरोपीय शैलियों के साथ भारतीय वास्तुकला का शिल्पशास्त्र का एक मिश्रण का इस्तेमाल किया।

इसकी बाहरी दीवार जय सिह के द्वारा बनवाई गई थी लेकिन भटृ महलो को बड़ा और अनुकूलित बनाया गया था। 20 वीं सदी में यहां महल और भवनों का निर्माण हुआ। क्रमिक विकास के बावजूद, पूरी राजस्थानी और मुगल वास्तुकला का एक हड़ताली मिश्रण है। यह न केवल अपनी राजसी वास्तुकला के लिए प्रसिद्ध है, बल्कि इसका स्थान और अद्भुत दृश्य आगन्तुको को बहुत लुभाते है। आगंतुकों को भी हवा महल, जल महल, सरकार ने केन्द्रीय संग्रहालय, जंतर मंतर, विद्याधर गार्डन और गोविंद देव जी मंदिर ये सब इनके आकर्षण का केंद्र है। 

पैलेस परिसर के भीतर की सरचनाएं

सिटी पैलेस में एक से बढ़कर एक प्रसिद्ध सरचनाएं है जैसे चन्द्र महल और मुबारक महल, गोविंद देव जी मंदिर और दिवान-ए-खास आदि है। इसकी फाटक और दीवारों पर दिल खोलकर मुगल शैली की कला को प्रस्तुत किया गया है इसमें विभिन्न जाली, भिति चित्रो और पक्षों के अलंकृत दर्पण को प्रस्तुत किया गया है। जब हम 'चंद्र महल' संग्रहालय के बारे में बात करें तो यह अद्वितीय दस्तकारी के लिए प्रसिद्ध है। इससे पहले चंद्र महल को शाही निवास के लिए इस्तेमाल किया जाता था। इस 7 मंजिल महल के अंदर श्री निवास, सुख निवास, छव्वी निवास, मिरर पैलेस, शोभा निवास और ब्लू पैलेस आदि विभिन्न निवास है।  

सिटी पैलेस के लिए प्रवेश द्वार

सिटी पैलेस के प्रवेश द्वार को जब भी कोई कार्यक्रम होता है तो बहुत ही सूंदर सजाया जाता है। इसके गेटवे 'वीरेंद्र पोल', 'त्रिपोलिया गेट', 'जलेब चौक' और 'उदय पोल' शामिल है। आगन्तुको को महल के अंदर जाने के लिए वीरेंद्र पोल और उदय पोल से व्यवस्था की गई है,जबकि त्रिपोलिया प्रवेश द्वार शाही परिवार के सदस्यों द्वारा इस्तेमाल किया गया है।

गुलाबी शहर का सिटी पैलेस सबसे प्रमुख ऐतिहासिक स्मारकों में से एक है यहाँ पर घूमने के लिए सबसे अच्छा समय मार्च-अक्टूबर को माना जाता है।

खुलने का समय : 9:30 सुबह से 5 बजे शाम तक खुलता है।

स्थान : जलेबी चौक के पास, जंतर मंतर, त्रिपोलिया बाजार, जयपुर, राजस्थान – 302002

अंदर जाने का किराया

कैमरा के साथ भारतीय पर्यटक 100 रुपया
कैमरा के साथ विदेशी पर्यटक 400 रुपया
वीडियो कैमरा 200 रुपया
ऑडियो गाइड मुक्त
मानव गाइड 300 रुपया
शाही भव्यता टूर 2500 रुपया

कृपया ध्यान दें यह कीमत जयगढ किले के लिए भी है। यह 2 दिन के लिए वेध है।

टिकट और जानकारी के लिए संपर्क - 0141 223 3509

पार्किंग - बाइक या कार प्रति 20-30 रुपये

जयपुर के सिटी पैलेस कैसे पहुँचें

एयरपोर्ट से टैक्सी या ऑटो के माध्यम से

  • हवाई अड्डे से दूरी - जेएलएन मार्ग के माध्यम से 11.9 किलोमीटर है।
  • टैक्सी या ओटो से सिटी पैलेस पहुँचने के लिए लगभग 30 - 35 मिनट का समय लगेगा।
  • एक तरफ का ओटो का किराया लगभग 150 - 200 भारतीय रुपया।
  • एक तरफ का टैक्सी का किराया लगभग 170 - 220 भारतीय रुपया।

सार्वजनिक परिवहन के माध्यम से

  • आप शहर की बस सेवा का उपयोग कर सिटी पैलेस तक पहुँच सकते हैं।
  • जवाहर सर्किल के लिए एक ऑटो ले लो। वहा से जोशी मार्ग की और एसी - 2 बस मिलेगी वो आपको 15 मिनट की दुरी पर स्थित बड़ी चौपड़ पर छोड़ देगी। सिटी पैलेस पर पहुचने के लिए कम से कम 1 घण्टे का समय लगेगा।

रेलवे स्टेशन से टैक्सी या ऑटो के माध्यम से

  • रेलवे स्टेशन से दूरी - स्टेशन रोड के माध्यम से 4.2 किलोमीटर है।
  • टैक्सी या ओटो से सिटी पैलेस पहुँचने के लिए 15 - 20 मिनट का समय लगेगा।
  • एक तरफ का ओटो का किराया लगभग 70 - 100 भारतीय रुपया।
  • एक तरफ का टैक्सी का किराया लगभग 100 - 150 भारतीय रुपया।

सार्वजनिक परिवहन के माध्यम से

  • बस सेवा सिटी पैलेस तक पहुंचने के लिए उपलब्ध है।
  • स्टेशन सर्किल से गलता फाटक की और जाने वाली मिनी बस को लेना होगा वो आप को 450 मीटर की दुरी पर त्रिपोलिया बाजार पर छोड़ देगी वहां से 15 मिनट पैदल जाने की दुरी है।
  • यहां पर जाने में 20 - 25 मिनट का समय लगेगा।

 


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