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गलता जी: पहाड़ों में बंदर मंदिर


गुलाबी शहर सुंदर रंग से रंगा हुआ है । यहाँ के लोगो में प्रेम, करुणा है बाहर से आये पर्यटकों का बहुत अच्छे से स्वागत करते है और उनकी देखभाल करते है । गुलाबी शहर सबसे अच्छे पर्यटक स्थलों में से एक है इसलिए लोग यहाँ आते है और धूमने का आनंद लेते है उन्हीं पर्यटक स्थलों में से एक है गलताजी । 

गलत जी का स्थान

गलताजी जयपुर में सबसे लोकप्रिय हिंदू तीर्थ स्थल है। यह दीवान राव कृपाराम द्वारा 18 वीं शताब्दी के दौरान बनाया गया था यह मंदिर जयपुर से 10 किमी दूर है । सुंदर अरावली की पहाड़ियों से यह मंदिर घिरा हुआ है । यहाँ पर बहुत घने जंगल है इसलिए यहाँ तापमान बहुत कम रहता है ।

गलत जी का इतिहास

पौराणिक कहानियो के अनुसार सेंट गालव जो एक ऋषि थे वो यहाँ पर बैठ कर परमेश्वर का ध्यान किया करते थे । गालव ने यहाँ पर 100 वर्षो तक तपस्या की थी ऐसी मान्यता है कि ऋषि गालव के गुरू विश्वामित्र थे। जब गालव की शिक्षा पूर्ण हुई तो गावल को दीक्षा दी गई। दीक्षा के बाद गुरू को गुरूदक्षिणा देने का समय आया। विश्वामित्र ने गालव से यह कहकर दक्षिणा लेने से मना कर दिया कि वे ब्राह्मण पुत्रों से दक्षिणा नहीं लेते। किंतु गालव भी गुरू को दक्षिणा देने के लिए तत्पर थे। बार बार मना करने पर भी जब गालव नहीं माने तो विश्वामित्र ने उनसे दक्षिणा में 800 श्यामकर्ण घोड़े मांगे। कहा जाता कि श्यामवर्ण घोड़े का सिर्फ दाहिना कान काला होता है शेष शरीर का संपूर्ण हिस्सा सफेद होता है। कहते हैं गुरू को दक्षिणा में श्यामकर्णी घोड़े देने के लिए गालव ने इसी स्थल पर साठ हजार वर्षों तक तपस्या की और गरूड़ को प्रसन्न किया। वरदान में उन्हें माधवी और तीन राजाओं से श्यामकर्णी घोड़ों की प्राप्ति हुई। गलता तीर्थ में सात पावन कुंड है पर उनमे से दो प्रमुख है |

गलत जी बंदरो का मंदिर

हर मकर संक्रांति के दौरान अलग-अलग स्थानों से अनुयायी गलताजी मंदिर में इकट्ठा होते हैं और  पवित्र स्नान करते है । हिन्दू धार्मिक मान्यता प्राप्त है कि गलत जी के पवित्र कुंड में स्नान करने से जो भी बुरे कर्म किये हो उनसे मुक्ति मिल जाती है । यह पवित्र जगह हमेशा बन्दरो के समूह से घिरी रहती है यह बंदर यहाँ पर हमेशा रहते है । इसलिए गलता जी बंदरों का मंदिर के नाम से जाना जाता है । 

मंदिर की वास्तुकला

गलताजी मंदिर अरावली पहाड़ियों में स्थित है और पेड़ों और झाड़ियों से घिरा हुआ है। यह इमारत रंगीन दीवारों, छतों और खम्भों गोल के साथ सजाया गया है । कुंड के अलावा, वहाँ कई भगवान कृष्ण, भगवान राम और भगवान हनुमान के मंदिर भी गलता जी मंदिर में स्थित है ।

वहाँ पर आप क्या करे

यहाँ के बंदर बहुत ही आक्रामक और हिंसक होते है और यहाँ पर सैकड़ो बन्दर होते है तो वो आप पर भी हमला कर सकते  है । आप कुछ भी खरीदते है तो आप को सतर्क रहना है । वरना बंदर आपके हाथ से छीन कर ले जाएंगे ।

यात्रा करने के लिए अच्छा समय

मकर सक्रांति के अवसर पर जनवरी के मध्य आप हर साल यहाँ यात्रा कर सकते है । कुंड में पवित्र स्नान लेने के लिए समय सुबह 9:00 से शाम 5:00 बजे तक सूर्योदय से सूर्यास्त तक कर सकते है ।

पता

श्री गलत पीठम , गल्वा आश्रम, जयपुर, राजस्थान, पिन कोड  302013, भारत

एयरपोर्ट से कैसे जाये

हवाई अड्डे से दूरी 25 किलोमीटर है।

टैक्सी या ऑटो से 60 से 65 मिनट का समय लगता है ।

एक तरफ का किराया ऑटो का 130 - 160 भारतीय रूपये ।

एक तरफ का किराया टैक्सी का 150 - 200 भारतीय रूपये ।

रेलवे स्टेशन से

रेलवे स्टेशन से दूरी (आमेर रोड के माध्यम से) 14.6 किलोमीटर है।

टैक्सी या ऑटो से 40 से 50 में पहुचते है ।

एक तरफ का किराया ऑटो से 130 - 150 भारतीय रूपये । 

एक तरफ का किराया टैक्सी का 150 - 170 भारतीय रूपये ।

पार्किंग सूचना

उपलब्ध पार्किंग

प्रभार - 20 रूपये बाइक और कार 30 रूपये ।

जानकारी के लिए फ़ोन करे – 09799175655

 


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