MENU X
स्वामी नारायण मंदिर, अक्षरधाम


स्वामी नारायण अक्षरधाम मंदिर गुलाबी शहर जयपुर का सबसे लोकप्रिय आध्यात्मिक स्थलों में से एक है । इसकी लोकप्रियता इसको सबसे अच्छा पर्यटक स्थल बना देता है । इस प्रतिष्ठित मंदिर में बहुत ही अच्छी नक्काशियां डिजाइन, भित्ति चित्र, विशेष मूर्तियों और मूर्ति की नक्काशी के लिए जाना जाता है । इस मंदिर की कलाकृतियां हिन्दू धर्म की समृद्ध विरासत संस्कृति का प्रतीक है। मंदिर वैशाली नगर में स्थित है । और शहर के किसी भी हिस्से से आसानी से यहाँ जाया जा सकता है । स्थानीय बस या ऑटो रिक्शा करके आप आसानी से पहुंच सकते हो । इस खूबसूरत मंदिर में  भक्ति में विश्वास करने वाले लोग आते है।

मंदिर भगवान नारायण (वैदिक सुप्रीम भगवान) को समर्पित है। इस मंदिर का शन्तिपूर्ण माहौल, शानदार नक्कासी इसका स्थापत्य वैभव ने वाले लोगो को निद्रावस्था की स्थिति प्रदान  है । यह एक बहुत बड़े क्षेत्र फैला है और चारो और हराभरा जबरदस्त दृश्य देखने को मिलता है । गुलाबी शहर के हर आध्यात्मिक  अमीर का शाही इतिहास, समृद्ध भारतीय संस्कृति और शाही राजपूताना की अनूठी विरासत की  वास्तविकता की झलक दर्शाता है । अक्षरधाम मंदिर में ही राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का एक वास्तविक उदाहरण है। यहाँ पर लाखो पर्यटक हर साल आते है यहाँ की दिव्य शक्ति का अनुभव करने के लिए ।

मंदिर के डिजाइन और वास्तुकला

यह मंदिर पिरामिड आकर का बहुत सुंदर और शानदार मंदिर है इसकी अद्भुत स्थापत्य कला है । मंदिर में स्वामी नारायण की मूर्ति है । मंदिर की दीवारों पर भित्ति चित्र, भगवान और देवी की मूर्ति, और वैदिक मंत्रों से सजी हुई है । वहाँ पर दो चोट मंदिर और भी है । भगवान शिव के मंदिर भगवान गणेश, शिव और पार्वती की मूर्ति के साथ सजी हुई, अन्य भगवान कृष्ण का मंदिर भी है कि भगवान श्री कृष्ण जी की प्रतिमा शामिल है । इस मंदिर में भीड़ रहती है जो पारम्परिक रूप से हमें लुभाती है । 

करने लिए क्या है

आप वहाँ पर पूजा कर सकते है और बच्चो को भी साथ ले जा सकते है । यहाँ पर बच्चो के लिए और वयस्को के लिए भी बहुत कुछ है। बच्चो के लिया पार्क है उसमे वो स्लाइड्स का आनंद ले सकते है । और बड़ो के लिए भी खेलने का मैदान है और वयस्क वहाँ पर शांतिपूर्ण व हरे भरे वातावरण का आनंद ले सकते है । वे बड़े और हरे भरे पेड़ों के नीचे शांति से घूम सकते है । इस मंदिर को पूरा घूमने के लिए एक या दो घंटे लगते है ।  परिवार के साथ घूमने के लिए यह जगह बहुत अच्छी है । यहाँ हर किसी के लिए सब कुछ है । 

खाने के लिए क्या है

इस मंदिर में खाने की बहुत अच्छी सुविधा है। मंदिर में एक केंटीन है उसका खाना बहुत स्वादिस्ट है वो अपने स्वाद के लिए फेमस है । आप मंदिर की केंटीन के मेनू का आनंद ले सकते है । यहां पर आप देश के सभी स्वादों का आनंद ले सकते है । अक्षरधाम मंदिर की खिचड़ी इसके स्वाद के लिए प्रसिद्ध है । और लोग यहां पर खिचड़ी आनंद लेने के लिए बड़ी सख्या में आते हे

अक्षरधाम मंदिर की यात्रा करने के लिए: समय

10:30 सुबह - 6:00 शाम

मंदिर का पता:

विद्युत नगर - सी, चित्रकूट सेक्टर 9, जयपुर, राजस्थान 332719

एयरपोर्ट से पहुँचने के लिए कैसे करें

हवाई अड्डे से दूरी 25 किलोमीटर है।

टैक्सी या ओटो से 65 या 60 मिनट लग जाते हे स्वामी नारायण मंदिर पहुचने के लिए ।

एक तरफ का ओटो का किराया 130 - 160 भारतीय रूपये ।

एक तरफ का टैक्सी का किराया 150 - 200 भारतीय रूपये ।

रेलवे स्टेशन से कैसे जाये

रेलवे स्टेशन से सिरसी रोड के माध्यम से 10 किलोमीटर दूर है ।

टैक्सी या ओटो से 40 या 50 मिनट लगते है ।

एक तरफ का किराया ओटो से 100 - 120 भारतीय रूपये ।

एक तरफ का टैक्सी का किराया 150 - 170 भारतीय रूपये ।

पार्किंग सूचना

उपलब्ध पार्किंग

प्रभार - नि: शुल्क (सड़क की ओर)

अधिक जानकारी के लिए  - 0141 224 61

 


You May Also Like

As the festive season is on, all major ecommerce platforms have launched their pre-Diwali sales to help you shop at discounted prices. Learn More about the Top Deals!

A book named ‘Magna Carta’ which dates back to about 800 years is being brought to India to the city of Jaipur for being on display in the Albert Hall museum.

Jaipur’s woman shooter Apurvi Chandela met and clicked a selfie with Prime Minister, Narendra Modi in New Delhi yesterday.

ISRO is well known for its innovative steps and legendary milestones. Following the same tradition, it is all set to add one more achievement that could prove to be a milestone in the history of space science.

New Trend in the City of Jaipur: Girls who plan to marry late or working women who plan to become a mother only after establishing their career, are opting for options like egg-freezing and embryo-freezing.